प्रेस-विज्ञप्ति

वाणी प्रकाशन और टीमवर्क आर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड वाणी फ़ाउंडेशन की ओर से विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार दिए जाने की घोषणा करता है| यह पुरस्कार भारत के उन अनुवादकों को दिया जाता है जिन्होंने निरंतर और कम से कम दो भारतीय भाषाओं के बीच साहित्यिक और भाषाई सम्बन्ध विकसित करने की दिशा में गुणात्मक योगदान दिया है| इस पुरस्कार की आवश्यकता इसलिए विशेष रूप से महसूस की जा रही थी क्योंकि वर्तमान स्थिति में दो भाषाओं के मध्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले की स्थिति बहुत निम्न है| इसका उद्देश्य एक ओर अनुवादकों को भारत के इतिहास के मध्य भाषिक और साहित्यिक सम्बन्धों के आदान-प्रदान की पहचान के लिए प्रेरित करना है, दूसरी ओर, भारत की सशक्त परम्परा को वर्तमान और भविष्य के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित करना है| यह पुरस्कार विशेष रूप से उन अनुवादकों को दिया जाता है जिन्होंने निरंतर लेखन के माध्यम से साहित्यिक समृद्धि के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है, यह पुरस्कार न केवल उनके लिए एक सार्वजनिक मंच तैयार करता है बल्कि उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी देता है|

वर्ष 2017 में यह पुरस्कार प्रख्यात अनुवादक, कवयित्री, लेखिका और आलोचक डॉ. अनामिका को दिया जा रहा है|

डॉ. अनामिका के आठ कविता संग्रह, पाँच कहानियाँ और कई आलोचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं| स्त्रीवादी विचारधारा से युक्त इनका स्वर और रचनाएँ अंग्रेज़ी और हिन्दी के नवोदित लेखकों और पीढ़ी दर पीढ़ी पाठकों को प्रेरित करती है| डॉ. अनामिका के अनुसार, प्रत्येक शब्द स्वयं में अनुवाद है| उन्होंने कई प्रसिद्ध रचनाकारों की जैसे - रबीन्द्रनाथ टैगोर, लेस मुर्रे, ओक्टावियो पाज़, इत्यादि रचनाओं का अनुवाद किया है| इन्होंने महत्त्वपूर्ण रचनाओं, यथा – ‘नागमंडल’ (गिरीश कर्नाड), ‘रिल्के की कविताएँ’, ‘कहती हैं औरतें’ (विश्व साहित्य की स्त्रीवादी कविताएँ) का अनुवाद किया है| डॉ. अनामिका को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें, भारत भूषण पुरस्कार, गिरिजा कुमार माथुर सम्मान, साहित्यकार सम्मान, परम्परा सम्मान, केदार सम्मान, इत्यादि शामिल हैं|

वह अकादमिक रूप से दिल्ली में कार्यरत हैं, तथा द्विभाषी लेखक के रूप में 20 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय रचनाओं का प्रकाशन कर चुकी हैं| वे एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांगना हैं। उनके उपन्यास के असंख्य पाठक हैं और उनकी कविताओं का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है| इनके कार्य को जेएनयू, कोची विश्वविद्यालय और मॉस्को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है| वर्तमान में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में अंग्रेज़ी की प्राध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं|

2017 में यह पुरस्कार जयपुर बुक मार्क द्वारा दिया जाएगा, जिसका निर्माण प्रतिष्ठित जयपुर साहित्यिक समारोह के सहयोग से किया गया है| दो वर्ष पूर्व जयपुर बुक मार्क द्वारा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने एक महत्त्वपूर्ण नई पहल की है| JBM की संकल्पना मूलतः एक व्यापार उपक्रम के रूप में की गयी है तथा यह JLF के समानांतर और समीपवर्ती स्थान पर आयोजित किया जाता है, जिसके अंतर्गत अनेक प्रकाशकों, साहित्यिक समूहों, लेखकों, अनुवाद से जुड़ी एजेंसियों और लेखों के मध्य सम्बन्ध, व्यापार सम्बन्धी परिचर्चा के अवसर उपलब्ध करवाए जाते हैं| इसमें न केवल विश्व भर से आये वक्ताओं को सुनने का अवसर मिलता है, बल्कि कई बार आपसी सम्बन्धों के लिए संविदा भी तैयार की जाती है|

प्रत्येक वर्ष ZEE जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का विशिष्ट प्रयास होता है कि भारत की विभिन्न भाषाओं की प्रदर्शनी को सुनिश्चित करे जबकि इसका औद्योगिक पक्ष, जयपुर बुकमार्क, अनुवाद की कला और व्यापार पर केन्द्रित है| ठीक इसी प्रक्रिया का अनुपालन 2017 में भी किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 25 भाषाओं में पूरे देश में किये जाने वाले साहित्यिक अनुवाद और साथ ही वैश्विक अनुवाद के संरक्षण और विकास के लिए, भारतीय और वैश्विक कथाओं का सहारा लिया जाएगा|

वाणी प्रकाशन 54 वर्षों से 32 विधाओं से भी अधिक में, बेहतरीन हिन्दी साहित्य का प्रकाशन कर रहा है| इसने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑडियो प्रारूप में 6,000 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित की हैं| देश के 3,00,000 से भी अधिक गाँव, 2,800 कस्बे, 54 मुख्य नगर और 12 मुख्य ऑनलाइन बुक स्टोर में उन्होंने अपने उपस्थिति दर्ज करवाई है| वाणी प्रकाशन भारत के प्रमुख पुस्तकालय प्रणालियों, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, ब्रिटेन और मध्य पूर्व, से भी जुड़ा हुआ है| वाणी प्रकाशन की सूची में, साहित्य आकादेमी से पुरस्कृत 32 पुस्तकें और लेखक, हिन्दी में अनूदित 9 नोबेल पुरस्कार विजेता और 24 अन्य प्रमुख पुरस्कृत लेखक और पुस्तकें शामिल हैं| संस्था को क्रमानुसार नेशनल लाइब्रेरी, स्वीडन, इन्डोनेशियन लिटरेरी क्लब और रसियन सेंटर ऑफ़ आर्ट कल्चर तथा पोलिश सरकार द्वारा इंडो-स्वीडिश, रसियन और पोलिश लिटरेरी सांस्कृतिक विनिमय विकसित करने का गौरव प्राप्त है| वाणी प्रकाशन ने 2008 में भारतीय प्रकाशकों के संघ द्वारा प्रतिष्ठित ‘गणमान्य प्रकाशक पुरस्कार’ भी प्राप्त किया गया है| 51वीं वर्षगांठ के मौके पर, ‘न हानि न लाभ’ के पक्ष में वाणी फ़ाउंडेशन की नींव रखी|

इस पुरस्कार के सम्मानित निर्णायक मण्डल में नमिता गोखले, संस्थापक और सह-निदेशक, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल; नीता गुप्ता, निदेशक, जयपुर बुक मार्क और संदीप भुटोरिया, सांस्कृतिक आलोचक शामिल हैं|

यह पुरस्कार भारत की प्रसिद्ध पत्रकार, लेखिका एवं भारतीय टेलीविज़न की जानी-मानी शख़्सियत मृणाल पाण्डे द्वारा दिया जा रहा है| पाण्डे हिन्दी दैनिक समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान’ की मुख्य सम्पादक और ‘प्रसार भारती’ की अध्यक्ष रह चुकी हैं| वह लोकसभा चैनल के साप्ताहिक साक्षात्कार कार्यक्रम ‘बातों-बातों में’ का संचालन भी करती हैं जिसके अंतर्गत भारतीय कला, संस्कृति और साहित्य से सम्बन्धित विचारों और व्यक्तित्वों पर प्रकाश डाला जाता है| भारत सरकार द्वारा वर्ष 2006 में इन्हें के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से विभूषित किया गया है|

संस्थापक न्यासी / Founder Trustee

अशोक वाजपेयी / Ashok Vajpeyi

Ashok Vajpeyi is an Indian poet in Hindi, essayist, literary-cultural critic

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  • Gulzar Saheb is an eminent figure of the Indian literature and film industry. He is well known as a lyricist, author, filmmaker, dialogue-writer, poet and translator.Gulzar

  • Yatindra Mishra is a celebrated poet, writer, who has poetry collections like Agyeya: Jitna Tumhara Sach Hai and Ayodhya Tatha Anya Kavitayein to his name. Yatindra Mishra

  • Anant Vijay is a known name in literature and journalism. He is currently serving as the executive producer at IBN7 News Network and has a vast and varied experience in the field of print and electronic media. Anant Vijay