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संस्थापक न्यासी / Founder Trustee
मुख्य संरक्षक गुलज़ार / Gulzar (Principal Patron)

गुलज़ार(मुख्य संरक्षक)

गुलज़ार मशहूर शायर, अप्रतिम फ़िल्मकार, संजीदा कहानी लेखक, बेहतरीन गीतकार, मंजे हुए संवाद और पटकथा लेखक हैं। 1934 में दीना (अब पाकिस्तान) में जन्मे गुलज़ार ने बिमल रॉय के सहायक निर्देशक के रूप में अपना फ़िल्मी सफर 1963 में आरम्भ किया, जो लगभग छह दशक बीत जाने के बाद आज भी भारतीय सिनेमा में उत्कर्ष पर है। आपकी कविताएँ यार जुलाहे...गुलज़ार, पन्द्रह पाँच पचहत्तर, प्लूटो, जानम, एक बूँद चाँद, कुछ नज़्में, कुछ और नज़्में, साइलेंसेस, पुखराज, चाँद पुखराज का, ऑटम मून, त्रिवेणी, रात चाँद और मैं एवं रात पश्मीने की में संकलित हैं। कहानियों के महत्त्वपूर्ण संग्रह हैं - ड्योढ़ी, जीना यहाँ, चौरस रात एवं रावी पार । मेरा कुछ सामान, छैंया-छैंया एवं मीलों से दिन फ़िल्मी गीतों के संकलन हैं। आपने कई उत्कृष्ट व भाव-प्रवण फ़िल्मों का निर्माण व निर्देशन भी किया है, जिनमें मेरे अपने, आँधी, मौसम, कोशिश, खुशबू, किनारा, नमकीन, मीरा, परिचय, अंगूर, लेकिन, लिबास, इजाज़त, माचिस, और हू तू तू जैसी सार्थक फ़िल्में शामिल हैं। इनके अतिरिक्त मिर्ज़ा ग़ालिब पर एक प्रामाणिक टी.वी. सीरियल बनाने के अलावा प्रेमचन्द एवं रवीन्द्रनाथ टैगोर के साहित्य पर भी गम्भीर सीरियलों का निर्माण किया है। आप भारत में सिनेमा के सर्वोच्च पुरस्कार ‘दादा साहब फाल्के सम्मान’ समेत विदेशों के भी सर्वप्रतिष्ठित ऑस्कर अवार्ड एवं ग्रैमी अवार्ड से पुरस्कृत हैं। भारत सरकार द्वारा दिये जाने वाले पद्मभूषण के अलावा साहित्य अकादेमी पुरस्कार, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज़, शिमला के प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेंट फेलोशिप सहित तमाम अन्य अलंकरणों से समादृत हैं। आपको बीस बार फिल्मफेयर पुरस्कार एवं सात बार सिनेमा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से विभूषित किया गया है।

Gulzar (Principal Patron)


Gulzar is an eminent figure in Indian literature and film industry. Born in Dina (now in Pakistan) in 1934, he began his journey in Indian film industry in 1963 by being assistant director to Bimal Roy. He is well known as a poet, lyricist, author, filmmaker and translator. Recipient of Padma Bhushan, the Sahitya Akademi Award, Dadasaheb Phalke Award, Oscar® and Grammy Award, he is the true global ambassador of Indian culture, art and tradition. Vani Prakashan has the honor of publishing Yaar Julahe…Gulzar, Kusumgraj Ki Chuni Suni Nazmein, JeenaYahan, Dyodhi and Pandrah Panch Pachhattar written by him. His other notable works include Ek Boond Chand, Raat Pashmine Ki, Kuch Aur Nazmein etc. He is made some of the finest films in Hindi – Mere Apne, Mausam, Koshish, Namkeen, Parichay, Angoor etc. He has also made television series on Mirza Galib, Premchand and Rabindranath Tagore. He was appointed as the chancellor of the Assam University in April 2013 and is the Principal Patron of Vani Foundation established in 2014.

संस्थापक न्यासी / Founder Trustee

अशोक वाजपेयी / Ashok Vajpeyi

Ashok Vajpeyi is an Indian poet in Hindi, essayist, literary-cultural critic

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Testimonial

  • Gulzar Saheb is an eminent figure of the Indian literature and film industry. He is well known as a lyricist, author, filmmaker, dialogue-writer, poet and translator.Gulzar

  • Yatindra Mishra is a celebrated poet, writer, who has poetry collections like Agyeya: Jitna Tumhara Sach Hai and Ayodhya Tatha Anya Kavitayein to his name. Yatindra Mishra

  • Anant Vijay is a known name in literature and journalism. He is currently serving as the executive producer at IBN7 News Network and has a vast and varied experience in the field of print and electronic media. Anant Vijay